
प्रवीण कुमार के स्थान पर आये श्रीसंत ने अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी तो मज़बूत की ही,अति आदरणीय किंतु नकचढे पोंटिग को 'L' का संकेत देकर और वाद के बदले प्रतिवाद देकर यह भी जता दिया कि कुछ रोचक स्लेजिंग भी खेल को मज़ेदार बनाने वाली है, हालांकि स्लेजिंग का स्तर गिरता जा रहा है और अब यह वाक्पटुता न रहकर अभद्रता बन गयी है, किंतु कुछ अच्छे उदाहरण मिले तो खेल कि मर्यादा के साथ रोचकता भी बनी रह जायेगी,क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई मज़ेदार स्लेजिंग के उदाहरण हैं जो खिलाङियों कि हाज़िर-जवाबी के कारण किवंदती बन गये हैं,हालांकि बहुत सारे स्थानों पर इनका उल्लेख किया जा चुका है किंतु आईये एक बार फिर इन्हे स्मरण करके प्रसन्न हो लेते हैं,और आशा करते हैं कि विश्व कप -2011 में कुछ मज़ेदार और स्वस्थ्य स्लेजिंग देखने को मिले।

स्लेजिंग से खा़सी नफ़रत करने वाले विव रिचर्डस को Hhughes लगातार घूर रहे थे, बात ऑस्ट्रेलिया के वेस्टइंडीज़ टूर की है, झल्लाये हुये विव ने कहा "ये मेरा देश है और हमारी संस्क्रति में हम घूरते नहीं सिर्फ बॉलिंग करते हैं,जब Hughes ने विव को आउट किया तो कहा "और हमारी संस्कर्ति में हम कहते हैं f**K *ff"
विव के साथ की ही एक और घटना है जब लगातार बॉल मिस करने के बाद बॉलर ग्रेग ने विव से कहा "ध्यान से देखो,ये गेंद लाल है,गोल है,और इसका वज़न पाँच औंस है, शायद तुम्हें दिखायी नहीं दे रही" अगली ही गेंद को विव ने सीम रेखा के पार मैदान के बाहर पहुँचा दिया और ग्रेग से बोले " तुम्हे तो बङी अच्छी तरह गेंद की बारीकियाँ पता हैं अब जाओ और तुम ही उसे ढूँढो।"
कहानियाँ तो बहुत हैं पर समय कम चलिये अंत में ऑस्ट्रेलिया के ही महान गेंदबाज़ मैक्ग्रा की बात कर लेते हैं जो स्लेजिंग प्रारंभ तो बङे जोश में करते थे किंतु मुँह की खाने के बाद गाली-गलौज पर उतर आते थे,बडा प्रसिद्ध वाकया है जब माहाशय ने वेस्ट्इंडीज़ के खिलाङी रामनरेश सरवन को उकसाने के लिये कह डाला ""So what does Brian Lara's d*ck taste like?" और सरवन का जवाब था""I don't know. Ask your wife." कहने की देर थी कि मैक्ग्रा आग बबूला हो गये,ऐसे ही ज़िम्बाब्वे के पुछल्ले बल्लेबाज़ एडो को मैक्ग्रा ने कहा "Hey Eddo, why are you so F**ing Fat?" और जवाब आया "Because everytime I F*** your wife, she gives me a biscuit"
दिख रहा है कि किस तरह स्लेजिंग अभद्रता बनती जा रही है,चलिये एक वाकपटु स्लेजिंग से समाप्त करते हैं
प्रसिद्ध ASHES सीरिज़ की बात है,जेम्स ऑर्मड इंग्लैंड का नया खिलाडी था ऑस्ट्रेलिया के मार्क वा (स्टीव वॉ के भाई) ने कहा "देखो तो कौन आया है,तु्म्हारी यहाँ कोई जगह नहीं दोस्त,तुम इंग्लैंड के लिये खेलने लायक भी नहीं हो"
नौसिखिये ऑर्मड का जवाब था " हाँ मैं अपनी टीम का सर्वश्रेष्ठ खिलाङी न सही किंतु कम से कम अपने परिवार में सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाङी हूँ,क्या तुम ऐसा कह सकते हो?"
स्लेजिंग और भारतः

आप सोच रहे होंगे हरभजन-सायमंड्स का प्रसिद्ध अध्याय कैसे छूट गया,नहीं भाई इस पर तो पूर एक आलेख समर्पित है,यहाँ जायें और पढें,उम्मीद है रोमांचित हुए बिना नहीं रह सकेंगे।

चतुर बता रहे हैं कि कैसे "Gentleman Game" में स्लेजिंग का प्रादुर्भाव हुआ,स्लेज नाम के एक प्रसिद्ध गायक थे 'अलबामा' के रहने वाले उनका एक गाना बङा मशहूर हुआ था ""When a Man Loves a Woman",एक क्रिकेट खिलाङी का उसकी प्रतिद्वंदी टीम के खिलाङी की पत्नी से चक्कर चल रहा था,उसी समय मैदान पर आते ही साथी खिलाङी Percy Sledge का यह गाना गाना शुरु कर देते,बस यहीं से चल निकला यह शब्द।
हालांकि कई अन्य खेलों में भी इस प्रकार विरोधी खिलाङी को उकसाने की परंपरा है ताकि मानसिक दवाब बनाया जा सके, किंतु नाम भिन्न-भिन्न हैं,बास्केट बॉल में इसे 'Trash Talk' कहा जाता है,आईस हॉकी में 'Chirping' और बॉक्सिंग में तो जोश का ही काम है तो काफी विशेषण सुनने को मिल जाते हैं,मोहम्मद अली का "What's my name" कौन भूल सकता है!
रोमांचक क्षणः
चाहे जो भी हो किंतु असली रोमांच तो ऐसे मैच का है,इस विश्व कप मे प्रतीक्षा रहेगी पुनराव्रत्ति कीः
रुपक
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